शक्ति भक्ति और सेवा का संगम: 'शक्ति भवन' का भव्य शुभारंभ, कन्याओं ने किया रिबन काटकर प्रवेश
शक्ति भक्ति और सेवा का संगम: 'शक्ति भवन' का भव्य शुभारंभ, कन्याओं ने किया रिबन काटकर प्रवेश
Editor =Sunil Soni,Basti Dastakबस्ती (उत्तर प्रदेश): समाज में अक्सर लोग अपने और अपने परिवार के लिए आशियाने बनाते हैं, लेकिन दूसरों के सुख-दुख को अपना समझने वाले विरले ही होते हैं। इसी सेवा भाव की एक अनुपम मिसाल पेश की है मातृशक्ति सेवा मंडल ने। आज मंगल बाजार, पंडित टोला स्थित नवनिर्मित 'शक्ति भवन' का विधि-विधान से पूजन और भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ।
नौ कन्याओं के चरणों से हुआ गृह प्रवेश
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि भवन का शुभारंभ आधुनिक चकाचौंध के बजाय सनातन परंपरा के अनुसार किया गया। नौ शक्ति स्वरूप कन्याओं ने अपने कर-कमलों से रिबन काटकर भवन का उद्घाटन किया। इसके पश्चात, इन कन्याओं ने 'मां स्वरूपा' बनकर भवन में प्रवेश किया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
पट्टू बाबा: सेवा का दूसरा नाम
अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से वर्षों से गरीबों और असहायों की सेवा करने वाले राघवेंद्र मिश्र उर्फ पट्टू बाबा ने इस पुनीत कार्य को अंजाम दिया है। उन्होंने यह भवन जगत जननी मां जगदंबा को समर्पित करते हुए इसका नाम 'शक्ति स्थल' रखा है। पट्टू बाबा ने घोषणा की है कि यह भवन केवल एक ढांचा नहीं है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए खुला है जिसे सुख-दुख में सहयोग या आश्रय की आवश्यकता होगी।
1968 से अनवरत जारी है सेवा की यात्रा
मातृशक्ति सेवा मंडल की जड़ें काफी गहरी हैं। इसकी स्थापना वर्ष 1968 में हुई थी। इस गौरवशाली परंपरा की नींव रखने वाले संस्थापक सदस्यों में:
स्वर्गीय हनुमत प्रसाद मिश्र
स्वर्गीय अयोध्या प्रसाद
स्वर्गीय हरिश्चंद्र मोदनवाल
स्वर्गीय हीरा नानवानी
स्वर्गीय लखमानी
स्वर्गीय बीरबल प्रसाद सोनी
स्वर्गीय बैजनाथ सोनी
स्वर्गीय बड़े नारायण वर्मा
श्री भोलानाथ सोनी
आज उन्हीं के द्वारा बोए गए सेवा के बीज को पट्टू बाबा और उनकी टीम एक विशाल वटवृक्ष का रूप दे रही है।
सहयोग और समर्पण की मिसाल
इस शक्ति स्थल के निर्माण में महामाई के भक्तों ने मुक्त कंठ से दान दिया और श्रमदान किया। कार्यक्रम के अवसर पर विशाल भंडारे का सायं काल 7:00 बजे आयोजन किया गया है! जिसमें भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन को सफल बनाने में विष्णु गुप्ता, अतुल मोदनवाल, राजेश सोनी, शंभू मिश्रा, सचिन मोदनवाल, वेदानंद सोनी, लल्लू सोनी, प्रिंस मिश्रा और हिमांशु सोनी जैसे समर्पित सहयोगियों का विशेष योगदान रहा
"मानवता की सेवा ही सबसे बड़ी भक्ति है। यह शक्ति भवन समाज के हर वर्ग के लिए प्रेम और सहयोग का केंद्र बनेगा।" — राघवेंद्र मिश्र 'पट्टू बाबा'







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