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    बंधेज कला को संरक्षित करना समय की मांग - संजय शुक्ल

     बंधेज कला प्रदर्शनी प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा की चमक

     Editor =Sunil Soni, Basti Dastak 

    बंधेज कला को संरक्षित करना समय की मांग - संजय शुक्ल

    बस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में गुरुवार को बंधेज कला प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का भव्य आयोजन डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल के निर्देशन में किया गया। जिसमें डायट प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में रंग-बिरंगी साड़ियां, दुपट्टे, चादर आदि आकर्षण का केंद्र रहे। इस अवसर पर डायट प्राचार्य ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय लोक कला को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि बंधेज कला हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे संरक्षित करना आवश्यक है। 

    प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने बंधनी तकनीक के माध्यम से सुंदर एवं आकर्षक डिजाइन प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल ने रचनात्मकता, रंग संयोजन एवं पारंपरिक शैली के आधार पर विजेताओं का चयन किया। जिसमें सौम्या गुप्ता, नीलम, नित्या दूबे और नेहा यादव को प्रथम पुरस्कार स्मृति सिंह पटेल, रबी चन्द्रा और प्रेमलता को द्वितीय पुरस्कार संजू यादव, रूबी चौहान, माधुरी अग्रहरी, मानसी शुक्ला और निशा चौधरी को तृतीय पुरस्कार महिमा पाण्डेय, शालिनी मद्धेशिया और नंदिनी यादव को सांत्वना पुरस्कार खुशी, निशा द्विवेदी और काजल सिंह को प्रतिभागिता बोर्ड डेकोरेशन पुरस्कार दिया गया। नोडल प्रवक्ता वर्षा पटेल एवं सह नोडल डॉ गोविन्द ने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रशिक्षुओं में हुनर विकसित करना है

        इस अवसर पर सरिता चौधरी, अलीउद्दीन खान, वंदना चौधरी, कल्याण पाण्डेय, डॉ ऋचा शुक्ला, मो. इमरान खान कनिष्क सहायक नवनीत कुमार, अनिल चौधरी प्रशिक्षुओं में ज्ञानेंद्र, अरुण, अमरेन्द्र आदि ने विशेष सहयोग किया।

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