बस्ती सर्राफा व्यापारियों ने डीएम को सौंपा प्रधानमंत्री को संबोधित 9 सूत्रीय ज्ञापन, उद्योग बचाने की उठाई मांग
बस्ती सर्राफा व्यापारियों ने डीएम को सौंपा प्रधानमंत्री को संबोधित 9 सूत्रीय ज्ञापन, उद्योग बचाने की उठाई मांग
Editor =Sunil Soni,Basti Dastakबस्ती। जनपद के सर्राफा व्यापारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना और पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह से मुलाकात कर अपने व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। बैठक में व्यापारियों ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और ज्वेलरी उद्योग पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर चिंता जताई तथा प्रधानमंत्री को संबोधित 9 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
बैठक के दौरान सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कुन्दन वर्मा ने कहा कि देश में पहले से ही मंदी का असर ज्वेलरी कारोबार पर पड़ा हुआ है, ऐसे में हालिया परिस्थितियों और नीतिगत अपीलों के चलते यह संकट और गहरा गया है। उन्होंने कहा कि यदि एक वर्ष तक आभूषणों की खरीद प्रभावित रहती है तो देशभर के करोड़ों स्वर्णकार, कारीगर और श्रमिक परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह उद्योग केवल बड़े व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक कुटीर उद्योग की तरह देश के हर गांव, गली और कस्बे में फैला हुआ है। इसमें लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी छोटे एवं मध्यम व्यापारियों की है, जबकि बड़े और ब्रांडेड ज्वेलर्स की संख्या मात्र सीमित है। ऐसे में किसी भी प्रकार की मंदी या खरीद में गिरावट का सबसे अधिक प्रभाव छोटे व्यापारियों पर ही पड़ता है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने सुझाव दिया कि देश के व्यापार घाटे को कम करने के लिए आयात नीति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। साथ ही ऊर्जा, लग्जरी उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहनों और अन्य गैर-जरूरी आयातों पर नियंत्रण लगाकर विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकती है। व्यापारियों ने यह भी सुझाव दिया कि सोने के आयात को नियंत्रित करते हुए देश के भीतर उपलब्ध संसाधनों और बैंकों के माध्यम से ज्वेलरी उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाए।
ज्ञापन में एक महत्वपूर्ण सुझाव यह भी रखा गया कि भारतीय ज्वेलरी कला को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक राज्य में निर्यात केंद्र स्थापित किए जाएं, जिससे स्थानीय कारीगरों और ज्वेलर्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जा सके। व्यापारियों का कहना है कि भारतीय ज्वेलरी अपनी कला और डिजाइन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, ऐसे में उचित नीति और समर्थन मिलने पर यह उद्योग विदेशी मुद्रा अर्जन का बड़ा स्रोत बन सकता है।
इस मौके पर सर्राफा एसोसिएशन के कई पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित रहे, जिनमें विश्वनाथ सोनी, प्रभात सोनी, आर्यन, पंकज कुमार वर्मा, जितेन्द्र सोनी, दीपक सोनी, अजीत सोनी, हरिओम लल्ला, विकास सोनी, शिवेन्द्र वर्मा, सपन सर्राफ सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे।
व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर उचित समाधान निकालेगी, जिससे यह पारंपरिक और महत्वपूर्ण उद्योग सुरक्षित रह सके और इससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका बनी रहे।

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