IRB कंपनी में 14 कर्मचारियों को नोटिस दिए जाने से आक्रोश,
IRB कंपनी में 14 कर्मचारियों को नोटिस दिए जाने से आक्रोश, एक सप्ताह में सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
Editor= Sunil Soni,Basti Dastakबस्ती। IRB कंपनी में पिछले करीब 12-13 वर्षों से कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहे कर्मचारियों को अचानक नोटिस दिए जाने का मामला सामने आया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से कंपनी में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं और वेतन को लेकर कभी काम बंद या हड़ताल नहीं की। वेतन कम मिलने के बावजूद कर्मचारी लगातार काम करते रहे हैं और आज तक उन्होंने वेतन कम मिलने को लेकर कोई आवाज नहीं उठाई।
कर्मचारियों का आरोप है कि इसके बावजूद 14 कर्मचारियों को बिना पर्याप्त जानकारी दिए नोटिस जारी कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें नौकरी से हटाने की कार्रवाई के पीछे मुख्य वजह स्थानीय यात्रियों से टोल वसूली को लेकर उनकी आपत्ति है। उनका कहना है कि उनसे स्थानीय लोगों का भी टोल काटने के लिए कहा जा रहा है, जबकि वे स्थानीय लोगों से टोल वसूलने को उचित नहीं मानते। कर्मचारियों के मुताबिक इसी बात को लेकर असहमति जताने के बाद उन पर कार्रवाई की जा रही है।
शिकायत में कर्मचारियों ने बताया कि वे कंपनी में लंबे समय से कार्यरत हैं और अपने काम को पूरी ईमानदारी से करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि जीएम और सीटीसी के माध्यम से कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है तथा उन्हें नौकरी से निकाले जाने की बात कही जा रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी कर्मचारी को बिना उचित कारण नौकरी से हटाया गया और उसके बाद कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।
कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि में उनकी समस्या की सुनवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। कर्मचारियों के अनुसार जरूरत पड़ने पर नारेबाजी, धरना-प्रदर्शन और अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी नौकरी और अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएंगे।
कर्मचारियों के अनुसार उन्हें 3 तारीख तक का समय दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि 14 कर्मचारियों को जारी नोटिस की वजह स्पष्ट की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कर्मचारियों के पक्ष को भी सुना जाए।
नोटिस पाने वाले 14 कर्मचारियों के नाम
धर्मेंद्र मिश्रा — एसयूपी
राजेश चौबे — एसयूपी
राकेश कुमार गुप्ता — एसयूपी
संदीप कुमार — एसयूपी
राहुल कुमार मिश्रा — एसयूपी
अरविंद कुमार शुक्ला — वरिष्ठ एसयूपी
हरीश ओझा — एसयूपी
सर्वेश गिरी — टीसी
आनंद यादव — टीसी
प्रमोद शुक्ला — टीसी
लवकुश यादव — टीसी
आकाश चौधरी — टीसी
अनीश — टीसी
राम बचन वर्मा — ईसी
कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन से मामले की जांच कराकर 14 कर्मचारियों को जारी नोटिस पर पुनर्विचार करने तथा कर्मचारियों की बात सुनने की मांग की है!




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