रुधौली में फिर चर्चा में संजय प्रताप जायसवाल, बोले—काम करेंगे, झूठे वादे नहीं करेंगे...
रुधौली में फिर चर्चा में संजय प्रताप जायसवाल, बोले—काम करेंगे, झूठे वादे नहीं करेंगे...
बस्ती। रुधौली विधानसभा क्षेत्र में आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संगीता प्रताप जायसवाल को सपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रसाद चौधरी के हाथों 15,226 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। अब भाजपा के लिए रुधौली सीट को दोबारा अपने खाते में लाने की चुनौती के बीच कई नामों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इसी क्रम में पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल का नाम एक बार फिर क्षेत्र की राजनीति में प्रमुखता से चर्चा में है। क्षेत्र में उनकी सक्रियता, लोगों से सीधा संवाद और समस्याओं की सुनवाई को लेकर समर्थकों में उत्साह दिखाई दे रहा है। संजय प्रताप जायसवाल का कहना है कि राजनीति उनके लिए केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कराना ही उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि “झूठे वादे करने के बजाय जो संभव है, उसे पूरा करने की दिशा में काम करेंगे। जनता को आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए।” उनका जोर क्षेत्र के विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने पर है।
रुधौली विधानसभा में जातीय समीकरणों की अपनी अहम भूमिका रही है। दलित, कुर्मी, ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी भागीदारी वाले इस क्षेत्र में चुनावी मुकाबला हमेशा बहुआयामी रहा है। हालांकि स्थानीय स्तर पर जनता के बीच सक्रियता और उपलब्धता भी चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
संजय प्रताप जायसवाल के समर्थकों का कहना है कि पूर्व विधायक के कार्यकाल में क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी पहुंच और जनसुनवाई की व्यवस्था ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। उनका मानना है कि जनता के बीच लगातार मौजूद रहना और समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास करना उनकी राजनीतिक कार्यशैली का प्रमुख हिस्सा रहा है।
अब रुधौली की सियासत में सबसे बड़ी चर्चा यही है कि भाजपा आगामी चुनाव में किस चेहरे पर भरोसा जताती है। संजय प्रताप जायसवाल, पुष्करादित्य सिंह और संजय चौधरी जैसे नामों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं चल रही हैं। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को करना है, लेकिन इतना तय है कि रुधौली में टिकट की दौड़ के साथ ही चुनावी माहौल भी धीरे-धीरे गरमाने लगा है।
संजय प्रताप जायसवाल की ओर से फिलहाल संदेश साफ है—जनता के बीच रहना, समस्याओं को सुनना और विकास के लिए काम करना; वादों की राजनीति नहीं, काम की राजनीति।

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